| Attribute | Details |
|---|---|
| Song Name |
Chal Diye Tum Kahan
|
| Singer Name | AUR |
| Lyrics Name | Chal Diye Tum Kahan Pe Lyrics |
| Music Director | Ahad Khan |
| Label |
Chal Diye Tum Kahan Pe Lyrics
Chal Diye Tum Kahan Pe Lyrics In Hindi
चल दिये तुम कहाँ पे? देखो यहाँ आ के
रस्तों में हाय दिल खो रहा है
चल दिये तुम कहाँ पे? देखो मुस्कुरा के
आँखों में ही दिल खो रहा है
एक उम्मीद एक प्यार की नज़र में खो गई
एक जिंदगी थक-हार के कब्र में सो गई
एक रात थी जो उसके में आई थी अब मगर
तुमसे मिली तो वो मुझसे बे-खबर सी हो गई
एक उम्मीद तुझसे थी जुडी और आया तू नहीं
ख्वाब था मेरा तो फिर मुझे जगाया क्यों नहीं?
इतना गम जो मिल रहे हैं मुझको, इसकी क्या वजह है?
मैंने तो कभी तुम्हारा दिल दुखाया भी नहीं
दिल दुखाया जब नहीं है, तो है खुद से क्यों खफ़ा?
हमें उम्मीद, हमारे प्यार की नज़र में थी वफ़ा
तेरी जिंदगी तो सो गयी पर मेरी रो रही है
मेरी रातें मुझसे राजी हैं पर दिन है बेवफा
एक उम्मीद तेरी मुझसे थी जुडी, ये मान ली
जागी ख्वाब से तो हकीकत ने मेरी जान ली
तुम मुझको तो पुकारो, सिर्फ मेरा नाम लो
आओ, मेरी जानिब, आके मेरा हाथ थाम लो
के अब नहीं है वादों पर यकीन
तुम भी वो नहीं हो और हम भी वो नहीं
के क्यों नहीं है तेरी वो हंसी?
मैं तो रो रहा हूं, तू तो रो नहीं
चल दिये तुम कहाँ पे? देखो यहाँ आ के
रस्तों में हाय दिल खो रहा है
चल दिये तुम कहाँ पे? देखो मुस्कुरा के
आँखों में ही दिल खो रहा है
कमरों में सफ़े मेरे ये फैले ही रहेंगे
ख्वाब आँखें मैं बस तेरे ही रहेंगे
तुझसे दूरियाँ हो जितनी भी भले
हम तेरे ही थे, तेरे ही हैं, तेरे ही रहेंगे
सवाल जिंदगी थी, तुम जवाब हो गए हो
देखते ही देखते तुम ख्वाब हो गए हो
सोचता था, भूल जाऊंगा तुझे
पर भूल-भूल के तुम मेरी याद हो गये हो
काश के तुम समझ पाती मेरे प्यार को
दिल को अपने फैसले का इख्तियार दो
‘गर तुम्हें कुबूल है दिल की सौदेबाजी
मेरा इंतज़ार ले के बे-हिसाब प्यार दो
वर दो मुझपे सारी ज़िम्मेदारियाँ
उतार दो तुम किताबों में कहानियाँ
किस तरह से कट रही है, मुझपे क्या गुजर रही है
तुमने जाना ही नहीं है कभी, जान-ए-जान
अब तुम याद आ रहे हो, बे-हिसाब आ रहे हो
दूर हो के भी तुम मेरे पास आ रहे हो
इस-क़ादर भी बेरुख़ी कोई करता है भला?
मेरी जान जा रही है, तुम कहाँ जा रहे हो?
दिल टूट गया है, आंखें याद कर रही हैं
तसवीरों से तेरी कब से बात कर रही है
धड़कने भी अब यही फुकरती हैं
“आ जाओ”, “आ जाओ”
चल दिये तुम कहाँ पे? देखो यहाँ आ के
रस्तों में हाय दिल खो रहा है
चल दिये तुम कहाँ पे? देखो मुस्कुरा के
आँखों में ही दिल खो रहा है

