| Attribute | Details |
|---|---|
| Song Name | Kesari |
| Singer Name | B Praak |
| Lyrics Name | Kesari Lyrics |
| Music Director | Arko |
| Label | Zee Music Company |
Kesari Lyrics
Kesari Lyrics In Hindi
तलवारो पे सर वार दिये
अंगारों में जिस्म जलाया है
तब जा के कहीं हमने सर पे
ये केसरी रंग सजाया है
ऐ मेरी ज़मीन अफ़सोस नहीं जो तेरे लिए 100 दर्द सहे
महफ़ूज़ रहे तेरी आन सदा, चाहे जान मेरी ये रहे ना रहे
ऐ मेरी ज़मीन, मेहबूब मेरी
मेरी नस-नस में तेरा इश्क बाहे
“फीका ना पड़े कभी रंग तेरा, ” जिस्म से निकल के खून कहे
तेरी मिट्टी में मिल जावां
गुल बनके मैं खिल जावां
इतनी सी है दिल की आरज़ू
तेरी नदियों में बह जावां
तेरे खेतों में लहरावां
इतनी सी है दिल की आरज़ू
सरसों से भरे खलिहान मेरे
जहां झूम के भंगड़ा पर ना सका
आबाद रहे वो गाँव मेरा
जहां लौट के वापस जा ना सका
हे वतन वे, मेरे वतन वे
तेरा-मेरा प्यार निराला था
कुर्बान हुआ तेरी अस्मत पे
मैं कितना नसीबन वाला था
तेरी मिट्टी में मिल जावां
गुल बनके मैं खिल जावां
इतनी सी है दिल की आरज़ू
तेरी नदियों में बह जावां
तेरे खेतों में लहरावां
इतनी सी है दिल की आरज़ू
केसरी
ओ हीर मेरी, तू हंसती रहे
टेरी आंख घड़ी भर नाम ना हो
मैं मरता था जिस मुखड़े पर
कभी उसका उजाला कम न हो
ओ माई मेरी, क्या फ़िक्र तुझे?
क्यों आँख से दरिया बहता है?
तू कहती थी, तेरा चाँद हूँ मैं
और चाँद हमेशा रहता है
तेरी मिट्टी में मिल जावां
गुल बनके मैं खिल जावां
इतनी सी है दिल की आरज़ू
तेरी नदियों में बह जावां
तेरी फसल मैं लहरावां
इतनी सी है दिल की आरज़ू
केसरी

